अगर अपनी जिंदगी से निराश हो के आत्महत्या करने का ख़याल आपके दिमाग़ मे आया तो ऐसे बचें ?

जिंदगी से नाराज़ वो लोग होते है जिन्हें ये लगता है कि जिंदगी की गाड़ी को वो खुद चाल रहे हैं| उन्हे लगता है कि वो जैसा सोचे , जैसा करना चाहे वैसा हो तो बेहतर और ना हो तो जिंदगी साली बकवास | वो कुछ कल्कुलेट कर के चलते है , ऐसा किया है तो ऐसा तो होगा ही ना , वैसा किया है तो ऐसा फिर तो होना ही है |लेकिन हो जाता है ठीक उसका उल्टा और लोगों को लगने लगता है कि उनके जिंदगी जीने का कोई मकसद रहा ही नही अब | फिर मन मे तरह तरह के नेगेटिव थॉट्स आने लगते है जो कभी कभी  इस हद तक भी बढ़ जाते हैं कि इंसान आत्महत्या तक करने की सोचने लगता है और उन्ही विचारों मे बहता हुआ अपने जिंदगी को ख़तम कर डालता है |आइए एक बार ज़रा रुके ये सोचने के लिए कि ऐसा होता क्यूँ है ?

aatmahatya

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देखा जाए तो हम जो कुछ भी सोचते है हम वैसे ही बन जाते है | शुरू मे ये कॉन्सेप्ट समझ मे नही आता है लेकिन अगर हम गौर फरमाये और खुद पे इसका एक एक्सपेरिमेंट करे तो पाएँगें कि सुख और दुख सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही चीज़ पे डिपेंड करती है और वो ये है कि हम अपने मान मे क्या सोच रहे है | मान लीजिए की आप अपने रूम मे बैठे है , आपकी गर्ल फ़्रेंड किसी दूसरे शहर मे रह के काम करती है | अब आपने सोचना शुरू किया कि वो क्या कर रही होगी |आपने सोचा कि वो अभी काम कर रही होगी ? आपने सोचा कि वो आपको याद कर रही होगी ? आपने सोचा कि उसे भूख लगी होगी ? वो शायद उठ के कॅफेटीरिया मे जाके खाने गयी होगी | देखिए आप अपने रूम मे बैठे है लेकिन आपका दिमाग़ कहा भागा जा रहा है , आपकी वो फ़्रेंड वास्तव मे क्या कर रही है उसका आपको कुछ भी पात नही लेकिन आपका दिमाग़ अस्यूम करने मे लगा है | आपने फिर सोचा कि वो खाने अकेले गयी होगी या दोस्तों के साथ | फिर आपने सोचा कि दोस्तों मे लड़के भी होंगे , लड़कों मे कुछ हॅंडसम लड़के भी होंगे , हो सकता है कि बॉडी भी

बढ़िया हो सकती है , कहीं मेरी वो मेरी माल पे लाइन तो नही मार रहा होगा | वो अगर मार भी रहा होगा तो मेरी माल उसको लाइन दे रही होगी या नही ? कही वो भी तो उसको पसंद नही करने लगी होगी ? कर भी स्क्ति है , मैं तो वहाँ नही हूँ वो तो आज़ाद है , उसे लगेगा दोनो हाथों मे लड्डू है मेरे | एक तरफ बॉयफ्रेंड तो है ही , अभी याः ऑफीस मे भी टाइम पास के लए कोई मिल गया | आपने सोचेत सोचेत ये भी सोच लिया कि हर शाम कही वो लड़का मेरी गर्ल फ़्रेंड को उसके घर तक ड्रॉप करने तो नही जाता है ? फिर तो वो दोनो बस मे साथ साथ सट के बैठते होंगे ? दोनो के बॉडी पार्ट एक दूसरे से टच भी होते होंगे ? ये सोच सोच के अब आप पागल होना शुरू हो गये ? लेकिन आपके दिमाग़ यहीं पे नही रुका | आपने आयेज सोचा कि दोनो इतने पास पास रहते होंगे तो सड़क पार करते समय वो लड़का मेरी गर्ल फ़्रेंड का हाथ पकड़ रहा होगा , और घर पे ड्रॉप करने वक़्त कहीं मेरी गर्ल फ़्रेंड उसको अंदर आने के लिए तो नही कहती होगी ? और अंदर जाने पे दोनो क्या करते होंगे ? पक्का , पक्का दोनो के बीच मे सेक्स हुआ करता होगा |

और आपको पक्का यकीन हो गया कि ऐसा ही होता होगा | आपने फोने उठाया और लड़की को सुना दिया , बोल दिया कि वो आपसे उसका रिश्ता ख़तम या खुद सोच सोच के अंदर ही अंदर घुटने लगे , उसपे शक करने लगे और धीरे-२ सिर्फ़ और सिर्फ़ आप अपने दिमाग़ की उपज वाली बातों के दूं पे जिंदगी तबाह कर लिए |

देखा आपने , ये है विचारों की ताक़त | आप अपने रूम मे बैठे रहे मगर दिमाग़ कितनी दूर चला गया | आपने दिमाग़ मे विचार आए और ये एक चेन रिएक्सन की तरह मल्टिप्लाइ होता गया और उसके आउटपुट जो आए उसने आपने पर्सनॅलिटी मे और आपके वरताव करने के तरीके मे बदलाव ला दिया | जार सोचिए कि आपने इस विचार को आने ही ना दिया होता , या आते ही रोक लिया होता बिल्कुल शुरू मे तो ये चेन रेएक्सन ना हुआ होता | क्यूंकी दिमाग़ बहुत ताकतवर होता है अगर आप उसे अपने मान का करने को छोड़ दें तो वो आपके ले डूबेगा , इसीलिए अपने जिंदगी की गाड़ी के ड्राइवर आप खुद बने , आपको क्या सोचना है और क्या नही वो आप खुद डिसाइड करें ना कि आपका दिमाग़ | कभी भी कुछ ऐसी बात दिमाग़ मे आए जो आपको पात है कि फालतू की है तो उसे तुरंत अपने दिमाग़ से ब्लॉक मार दीजिए और कुछ और सोचने लगिए | ये एक बार मे नही हो पाएगा , इसके लिए आपको ट्राइ करना होगा , हर वक़्त अभ्यास करना होगा इसका , प्रैकटीस करनी होगी इसकी | दिमाग़ मे कोई भी ख़याल अगर आए तो उसे हटाने की अबिलिटी डेवेलप करनी होगी और जिस दिन आप ने ऐसा क्रना सीख लिया उस दिन कोई भी बात आपको दुखी नही कर पाएगी क्यूंकी आप के दिमाग़ मे उस दुख दीं वाली बात को सोचने की जगह ही नही बची होगी , आप तुरंत उस बात से कोई अच्छी और खुशी देने वाली बात मे अपना दिमाग़ डाइवर्ट कर लेंगे और फिर ये डिप्रेशन और आत्महत्या जैसी कमजोर चीज़ें आपसे हज़ारों मील  दूर भागेंगी |

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