माँ को हमेशा हमारी फिक्र होती है , लेकिन हम बेफिक्री में उनको भूलते जा रहे है

हम सब में तो हमारी माँ है ऐसा हम कह सकते है। हमेशा हमारे साथ रहती है ।हमारी हर आदतों में है वो ,इसका परिचय तब मिलता है जब कोई कह उठता है “यह तो अपनी माँ पर गई है।“ कभी हमारे हाव भाव से कभी हमारी शालीनता में हमारी शैतानियों में ,कभी हमारी मुस्कान में झलक उठती है वो ।

ममता ही तो  जो निर्मल है  । बिना किसी शर्त की  ।  माँ को हमेशा हमारी फिक्र होती है। लेकिन हम बेफिक्री में उनको भूलते जा रहे है अपने ही दुनिया ही में इतनी मशगूल हो गए कि  शायद एक फ़ोन घुमाने तक का भी समय नहीं   ।  हमारे ऑफिस से आने का इंतजार   वह हमसे  दूर बैठे  बस हमारी   एक आवाज़ सुनने को करती है । उनकी आवाज़ में हमेशा उत्साह  रहती है  हम जैसे २  साल के बच्चे जिन्हे वह  पम्पेर कर  रही  हो !! तो इस मदर डे  पर हमारा भी फ़र्ज़ बनता है उन्हें छोटी से हसी छोटी सी ख़ुशी उन्हें देने का  !!  तो जनाब  और  मोहतरमा  एक’दिन अपनी माँ  के साथ जरूर बिताए  जो घर से दूर है  प्लीज एक फ़ोन  घुमा लीजिए । बॉस” एक दिन अपनी  माँ  नाम कर   के देखिये  बहुत अच्छा लगेगा। आप अपने बचपन  से रूबरू हो जायेगा और  एक प्यारी से मुस्कान के साथ  । माँ ही तो   हमेशा आपको प्यार करेंगे  “UNCONDITIONALLY ”

हैप्पी मदर डे  !!

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