साला , एक बच्चे को एक करोड़ का पैकेज क्या मिला , पापा को लगा उनकी बेटी भी अगले साल उस लिस्ट में होनी चाहिए

रात के 2 :20 हो होंगे । सेमेस्टर एग्जाम का समय था और सब लोग पागलों की तरह पढ़े जा रहे थे । ऊपर से भुबनेश्वेर की गर्मी उफ्फ्फ। …

सुबह से सबकी हालत ख़राब हो रखी थी लकिन भैया पढ़ना तो होगा ही। सेमेस्टर जो  क्लियर करना  है  क्यूंकि   घर वाले समझने से रहे उन्हें तो यही लगता है  कि  करोड़ रूपये की पैकेज  हमे ही मिलने वाली है। लेकिन इधर 15000 की नौकरी के लिए भी मरे जा रहे है  खैर उसमे उनकी भी गलती नहीं है कॉलेज के साइट पर १ करोड़ का पैकेज “लेकिन सच्चाई यही’है 16000  बच्चों में सिर्फ एक को और बाकी लोगों  का क्या ??

लेकिन पेरेंट्स तो यही समझते है वह एक  हम है !! खैर यह भी एक अच्छा मजाक है । फिर अचानक कही से लाउड म्यूजिक की आवाज़ आ रही  थी । .पुरे हॉस्टल में ऐसा लगा  मानो किसी  ने जंग छेड़ दिया हो । पता लगाने  में पता चला कि  4th  ईयर कल जा रहे है तो यह उनकी जश्न है  । तभी दिमाग में कुछ गहरा सा गया एक सोच।

जब यह 1st ईयर आये  होंगे कितने मासूम और निर्मल होंगें। यह चार साल की “जर्नी ”  ने इन्हे कितना कुछ सिखाया होगा। इनकी यात्रा ” गम और ख़ुशी”  हर तरह के भावना से ओतप्रोत होंगे। .जैसे ” इंद्रधनुषी रंग..”   जिसमे  हर रंग कुछ कहता है ।  कितने दफ़ा  यह टूटंगे होंगे खुद को फिर से मजबूत बनया होगा  ।  एक “परिंदे के भाँति “इन चार सालों  में यह एक अलग और भी मजबूत इंसान बन के जा रहे है। पर मेरा मन फिर बीच में बोल पड़ा  यही तो  ज़िन्दगी है   मानो कही से मोटिवेशन आ रही  हो।

इतने में मेरे एक दोस्त ने दस्तक दी। कानों  में आके यही बोली  ” सवपन सुंदरी जागो ” किसके यादो में खोयी हो ,मैं  ” कुछ समझ नहीं पाई  क्यूंकि अभी भी बस इनकी यात्रा की ही बारे में सोच रहे थी  वह  बस यह डायलोग  चिपका के चली गए “पढ़ ले बेटी मौका है प्यार मोहबत सब धोखा है ”  मैंने भी मुस्कुरा दिया ,कानों में में हैडफ़ोन लगाया क्योंकि  सेमेस्टर जो क्लियर करना है।  पार्टी का लाउड म्यूजिक तब तक और लाउड हो चूका था !

JOIN THE DISCUSSION